सबसे पहले WRIT - C No. - 536 of 2011 सचिन अरोरा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले का निर्णय माननीय न्यायाधीश श्री ए.पी. शाही जी के द्वारा दिया गया.इसके पश्चात सचिन अरोरा मामले को नजीर मानते हुए , Writ Petition No. 62615 of 2010 प्रेम नारायण तिवारी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के विषय में माननीय न्यायाधीश श्री ए.पी. शाही जी द्वारा निर्णय प्रदान किया गया .प्रेम नारायण तिवारी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले को नजीर मानते हुए माननीय न्यायाधीश राजीव शर्मा जी द्वारा सुषमा देवी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (writ no MS 2143 -2011) व 66 अन्य रिटों को एकत्रित करते हुए निर्णय वादियों के विरुद्ध दिए गए .
अब जरा सोचें ,सचिन अरोरा भाई ने जल्दीबाजी करते हुए अकेले रिट दाखिल की .और वही अन्य एकल बेंच की अन्य रिटों के लिए नजीर बन गयी .अतः आपसे विनम्र निवेदन है की कोई भी निर्णय जल्दीबाजी में नहीं लें .जैसे कुछ लोग तुरंत लखनऊ में डबल बेंच में अपील करना चाहते हैं ऐसे लोगों से मेरा निवेदन है कि स्पेशल अपील डीफेक्टिव संख्या 380 वर्ष 2011 कि महत्ता के विषय में पढ़ें .तब कोई निर्णय लें.
स्पेशल अपील डीफेक्टिव संख्या 380 वर्ष 2011 व अन्य २ रिटें अखिलेश कुमार सिंह व प्रेम नारायण तिवारी व अन्य छात्रों द्वारा माननीय न्यायाधीश श्री ए.पी. शाही जी द्वारा दिए गए निर्णय के विरुद्ध दाखिल की गयी है.इस रिट का निर्णय रिट संख्या MB 10052-2010 (परीक्षा देने का फैसला वाली रिट )रविभान सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (इस लेख का लेखक भी 10052 में वादी है )और अन्य सभी डबल बेंच मामलों पर अपने आप ही बाध्यकारी हो जाएगा .अतः यह स्पेशल अपील डीफेक्टिव संख्या 380 वर्ष २०११ अत्यंत महत्वपूर्ण है.
स्पेशल अपील डीफेक्टिव संख्या 380 वर्ष २०११ में आज दिनांक ०९/०५/२०११ को माननीय न्यायाधीश आर.के.अग्रवाल व माननीय न्यायाधीश भारती सप्रू की अदालत में सुनवाई थी .अब अगली सुनवाई 17 मई २०११ को है .
KNI सुल्तानपुर से अबिचल जी को विभिन्न छात्रों की सूचनाएं मेल करने के लिए धन्यवाद ,भाटपाररानी से रविन्द्र कुमार बरुन जी ,मयंक गुप्ता जी को बरेली से धन्यवाद .इस मुहिम को और तेज़ करने के लिए कृपया इस वेब साईट को प्रायः देखते रहें व सभी अन्य छात्रों को अपनी जानकारी bedtopper@gmail.com पर ईमेल करने के लिए कहें.
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